बिस्तर में विजेता की तरह अच्छा प्रदर्शन करने के लिए रामबाण उपचार

Ramban treatment to perform well like a winner in bed/World creativities

Ramban treatment to perform well like a winner in bed/World Creativites

सेक्स क्षमता- मर्दाना ताकत को बढ़ाने के लिए कुछ प्रयोग ऐसे भी हैं जो सेक्स शक्ति को अधिक रुप से बढ़ाने के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुए हैं। बहुत से लोगों को इसके बारे में मालूम ही नहीं है। यहां हम कुछ ऐसे उपाय लिख रहे हैं जिनके प्रयोग करने से आप अपनी सेक्स क्षमता को काफी मात्रा में बढ़ोत्तरी कर सकते हैं।

इन फूड के सेवन से वियाग्रा की जरूरत नहीं

रंग
गुलाबी, लाल, बैंगनी एवं जामुनी रंग की प्रकृति गर्म होती है। ये रंग संभोग करने की शक्ति को जगा देते हैं। यदि बेडरूम की दीवारों पर, दरवाजों पर तथा खिड़कियों के ऊपर इनमें से किसी भी एक रंग के परदे लगाएं या इनमें से किसी एक रंग का बल्ब अपने बेडरूम में जलाया जाए तो सेक्स क्षमता में बहुत अधिक बढ़ोत्तरी होती है।

तेल
लाल रंग की शीशी में मूंगफली का तेल, एरंड का तेल, सरसों, तिल, सूर्यमुखी तथा जैतून का तेल भरकर सूर्य़ की रोशनी में 40 दिनों तक रख दें। फिर रात को सोते समय इस तेल के द्वारा हल्के-हल्के हाथों से शिश्न, अंडकोष, पेट तथा रीढ की हड्डी आदि पर मालिश करें। इसका रोजाना प्रयोग करने से नामर्दी या वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग समाप्त हो जाते हैं।

खड़ाऊ
खड़ाऊं पहनने से भी सेक्स क्षमता में बहुत अधिक मात्रा में वृद्धि होती है। पुराने युग में लोग खड़ाऊं का अधिक इस्तेमाल करते थे जिसके कारण उनमें सेक्स क्षमता काफी अधिक थी।

वे लोग अधिक उम्र में भी सेक्स का आनंद लेते थे। व्योमा थेरेपी में बताया गया है कि खड़ाऊं का इस्तेमाल करने से सेक्स क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।

इसकी वजह यह है कि खड़ाऊं पहनकर चलने से दोनों पैरों के तलवों के पिछले हिस्सों के मध्य स्थित भाग की सेक्स ग्रंथियों के जोड़ पर दबाव अधिक पड़ता है जिसके कारण सेक्स ग्रंथियां जागृत होती हैं।

रोजाना विस्तारपूर्वक खड़ाऊं पहनकर चलने से नामर्दी, वीर्य का शीघ्र गिरना तथा सेक्स करने के बाद होने वाली शीघ्रपतन जैसी परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

सूर्य की रोशनी
नीले रंग की कांच शीशी में ऊपर बताए गए किसी भी एक तेल को भरकर 30 दिनों तक सूर्य की रोशनी में रखें, फिर इस तेल को मेरुदण्ड (रीढ़ की हड्डी) पर नीचे से ऊपर की ओर ले जाते हुए मालिश करें।
इसके साथ ही इस तेल से अण्डकोष और मलद्वार के बीच वाले भाग पर भी मालिश करें।

इस सूर्यतप्त तेल को रोजाना विस्तारपूर्वक इस्तेमाल करने से संभोग करने की इच्छा शक्ति बढ़ जाती है।
एक नहाने का टब लें और इसमें ठंडा पानी भर लें। तब पुरुष अपने कपड़ों को उतारकर उस टब में अच्छी तरह से बैठ जाए।
टब में इतना पानी भरना चाहिए कि पुरुष की कमर उस पानी तक आ जाए। इसके पश्चात एक कपड़े के टुकड़े को पानी में अच्छी तरह से डुबोकर उस कपड़े से अपने शिश्न को मल-मलकर बार-बार अच्छी तरह से धोएं।
कम से कम 10 मिनट तक इस प्रकार करते रहें। इस तरह से करने से Penis की सफाई भी हो जाती है और उसमें खून का उतार-चढाव भी सही तरीके से होता रहेगा।
इसी प्रकार से अण्डकोष की भी सफाई करें। फिर दोनों जाघों एवं रीढ़ की हड्ड़ी पर भी किसी साफ कपड़े से सफाई करें। इस प्रयास (क्रिया) को रोजाना विस्तार से करने से वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग की शिकायत समाप्त हो जाती है।
नहाने से पहले सूखे तौलिये अथवा अपने हाथों से सारे शरीर को अधिक तेजी से रगड़ें। इस तरह से रगड़ने से एक अजीब तरह की विद्युत शक्ति उत्पन्न होती है जिससे सारे शरीर में स्फूर्ति का संचार होता है। इससे खून का संचारण सही तरीके से होता रहता है।
शौच करने या पेशाब करने के बाद शिश्न (लिंग) को ठंडे जल से अच्छी प्रकार से धोएं तथा एक लोटा ठंडे पानी से शिश्न एवं उसकी जड़ पर पतली धार की तरह पानी डालिए। इस तरह से करने से वीर्य का जल्दी गिरना और स्वप्नदोष के रोग समाप्त हो जाते हैं।
नहाते समय रीढ़ की हड्डी पर ठंडे पानी की धार डाली जाए तो शीघ्रपतन (वीर्य का जल्दी गिरना) जैसे रोग की स्थिति पैदा ही नहीं होती है।
संभोग करने की इच्छा न करने में कमी आ जाने पर रीढ़ के निचले भाग पर ठंडा व गर्म सेंक करना चाहिए। इसके लिए 2 मिनट तक गर्म तथा 1 मिनट तक ठंडा सेंक करें। इस क्रिया को 10 से 15 बार तक करें। इसे विस्तृत रूप से करने से सेक्स करने की इच्छा दौबारा लौट आती है।
सेक्स क्षमता को अधिक बढ़ाने और उसका अधिक से अधिक आनंद प्राप्त करने के लिए आयुर्वेद में भी कुछ योगों का विशेष वर्णन किया गया है।
यदि इन योगों का अधिक मात्रा में इस्तेमाल न किया जाए तो इनका शरीर पर कोई साइड या बाहरी प्रभाव नहीं होता है। इन योगों की यहीं एक खास विशेषता है। इसके विपरीत इसे कोई भी पुरुष बहुत ही आसान तरीके से इसे अपने घर में भी बना सकता है।

कुछ उपयोगी प्रयोगः-

नामर्दी को दूर करने वाली चिकित्सा
तुलसी के बीज, शिवलिंगी के बीज, सेमल के बीज, खिरैंटी के बीज, काली कौंच के बीज, गंगेरन के जड़ की सूखी छाल तथा चिरौंजी की जड़ की छाल- इन सभी को मिलाकर बराबर मात्रा में लेकर कूट लें।
इस सब मिश्रण के आधे भाग में मिश्री को मिलाकर कांच के किसी बर्तन में डाल लें।
10 ग्राम दवा रात को सोते समय लेकर ऊपर से एक गिलास दूध पी लें।
इस मिश्रण को प्रतिदिन एक महीने तक इस्तेमाल करें।
इस मिश्रण को जब तक लेते रहें तब तक अधिक तेल-मसालेदार, चिकनाईयुक्त, भारी भोजन एवं खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
इसके अंर्तगत सेक्स क्रिया नहीं करनी चाहिए। एक महीने तक इसका सेवन करने से यह शरीर में बहुत अधिक शक्ति पैदा कर देता है।

शक्तिवर्धक उपाय
लगभग आधा लीटर गाय के दूध में 150 ग्राम कौंच के बीज को मिलाकर इसे हल्की आग पर पकाने के लिए रख दें।
जब यह दूध अच्छी तरह से पककर गाढ़ा हो जाए तो इसे आग से उतार दें। फिर कौंच के बीजों के छिलके को निकालकर इन्हें सिल-बट्टे पर बारीक पीस लें। इसमें अच्छी तरह से मैदा मिलाकर इसको आटे की तरह गूंथ लें।
फिर मैदा को जामुन की तरह से गोलियां बना लें। इस गोली को शुद्ध घी के साथ गुलाबी रंगत आने तक इसको भूनें। इसके बाद इसको शक्कर की चाशनी में मिलाकर निकाल लें।
अब सभी पदार्थ को एक चौड़े मुंह वाले बर्तन में डालकर उस बर्तन में इतना मधु (शहद) डाले कि मैदा से बनी हुई सारी गोलियां उसमें डूब जाएं।
इसमें से एक-एक गोली सुबह और शाम को खाली पेट लेना चाहिए और ऊपर से एक गिलास दूध पी लें। इन गोली का प्रयोग करने के एक घंटे के बाद भोजन को करना चाहिए।
यह गोली बुजुर्ग और शादी-शुदा पुरुष दोनों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। जिन पुरुषों के शिश्न (लिंग) में तनाव उत्पन्न नहीं होता या वे पुरुष जिनका वीर्य जल्दी ही निकल जाता है, उन पुरुषों के लिए यह एक बहुत ही कामगारी उपाय है।

ताकत बढ़ाने वाला शक्तिशाली चूर्ण
काली तुलसी का बीज 25 ग्राम, पिसी हुई मिश्री 30 ग्राम और असली अकरकरा 5 ग्राम- इन सभी को मिलाकर ठीक तरह से कूटकर किसी एक शीशी में रख दें।
रात को भोजन करने के 2 घंटा पहले 10 ग्राम चूर्ण को खाकर ऊपर से एक गिलास ठंडा पानी पी लें।
रात के समय भोजन करने के दो घंटे के पश्चात संभोग क्रिया करें।
यह चूर्ण पौष्टिक और यौन शक्ति को बढ़ाने वाला होता है। इसका दो हफ्ते (सप्ताह) तक विस्तृत रुप से इस्तेमाल करें। इस चूर्ण का प्रयोग करने तक हो सके तो सेक्स क्रिया न करें।

शक्ति लाने वाला उपाय
एक किलो इमली के बीजों को तीन-चार दिनों तक पानी में भीगे पड़े रहने दें।
इसके पश्चात उन बीजों को पानी से निकालकर और छिलके उतारकर ठीक तरह से पीस लें।
इसमें इससे दो गुना पुराने गुड़ को मिलाकर इसे आटे की तरह गूंथ लें। फिर इसकी बेर के बराबर गोलियां बना लें।
सेक्स क्रिया करने के दो घंटे पहले इसे दूध के साथ इस्तेमाल करें। इस तरह का उपाय सेक्स करने की ताकत को और अधिक मजबूत बनाता है।

वीर्य को बढ़ाने वाला पौष्टिक चूर्ण
अधिकतर पुरुष काफी मात्रा में अधिक संभोग करते हैं जिसके कारण उनके वीर्य की मात्रा में अधिक कमी और उनके शुक्राणुओं में अधिक दुर्बलता हो जाती है।
उसके लिए 2-2 ग्राम दालचीनी का बारीक चूर्ण लेकर दूध के साथ सुबह और शाम के समय में इस्तेमाल करना चाहिए।
इस चूर्ण का दो महीनों तक प्रयोग करने से इसका लाभ दिखाई देने लगेगा। इसका नियमित रुप से भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसका प्रयोग करने से कोई साइड या बाहरी प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य की तादाद बहुत अधिक बढ़ जाती है।
इस चूर्ण के प्रयोग करने से शुक्राणुओं की मात्रा भी बढ़ती है और इसकी संख्या में भी बढ़ोत्तरी होती है।

क्षीरपाक
कोमल जड़ और पीपल का फल- इन दोनों को 25-25 ग्राम की मात्रा में लेकर इसको चटनी की तरह से बना लें। फिर इसमें 400 ग्राम पानी और 100 ग्राम दूध मिलाकर इसे हल्की आंच पर रखकर तब तक उबालें जब तक की पानी की मात्रा अच्छी तरह से जल न जाएं।
पानी के जलने के बाद जब दूध बाकी रह जाए तो इस दूध को छानकर आधा सुबह और आधा शाम के समय प्रयोग में लाएं।
जो पुरुष लिंग में उत्तेजना न आने की वजह से चिंता में रहते हैं, उन व्यक्तियों के लिए यह उपयोग बहुत ही अधिक लाभदायक है।

पौष्टिक खीर
सबसे पहले बिना छिलके वाली उड़द की दाल को रात के समय में थोड़े से पानी में भिगोकर रख दें।
सुबह के समय में इस दाल को निकालकर मिक्सी में पीस लें। इसके बाद इसको दो चम्मच शुद्ध देशी घी में गुलाबी होने तक भूनें।
फिर इसके बाद 250 ग्राम गर्म दूध कर लें। जब दूध उबलने लग जाए तब उसमें भुनी हुई उड़द की दाल डालकर इसे चम्मच से तक तक चलाते रहें जब तक यह गाढ़ा न हो जाएं।
गाढ़ा हो जाने पर इसको नीचे उतार लें। फिर ठंडा हो जाने पर इसके अंदर दो चम्मच शहद डालकर रोजाना सुबह नाश्ता करते समय इस पौष्टिक खीर का इस्तेमाल करें।
इसका सेवन करने से शरीर हष्ट-पुष्ट और ताकतवर बनता है। इस खीर का विस्तृत रुप से सेवन कर सकते हैं। इस खीर को सात दिन में कम से कम दो बार तो जरुर ही इस्तेमाल करना चाहिए। यह खीर सभी उम्र के लोगों के लिए बहुत ही उत्तम है।

वीर्य को शुद्ध करने वाला चू्र्ण
बबूल का गोंद, बबूल की बिना बीजों वाली कच्ची फलियां और बबूल की कोमल पत्तियां- इन तीनों को लेकर छाया में सुखाकर अलग-अलग करके कूट लें।
फिर तीनों को बराबर-बराबर लेकर आपस में मिला लें। रोजाना के समय एक चम्मच पिसी हुई मिश्री लेकर इसे एक चम्मच चूर्ण के साथ मिलाकर खा लें।
फिर इसके ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। इसका इस्तेमाल दो महीने तक विस्तारपूर्वक करने से इससे काफी अधिक फायदा मिलता है। यह वीर्य को अधिक गाढ़ा बनाता है।

यह रात को होने वाले स्वप्न रोग, वीर्य का जल्दी गिरना और यौनांग के ढीलेपन एवं कमजोरी जैसे रोगों को समाप्त कर देता है।

सम्पूर्ण रुप से सुख देने वाले घरेलू उपचार :-
आंवला, रुदंती, गिलोय सत्व, अश्वगंधा, हरड़, शतावर, चव्य, नागबला, वृद्धादारु, ब्राह्नी, प्रियंगु, वच, बिदारीकंद, जीवंती, पुनर्नवा, मेदा, महामेदा, काकोली, क्षीर काकोली, जीवन ऋषभक, मुग्दपर्णी, माषपर्णी, कौंच के बीज, तुलसी के बीज, सेमल, मूसली, काकनासा, पिपली बड़ी, जटामांसी, शंखपुष्पी, तालमखाना, सोनापाठा, अंनतमूल, मुलहठी, विधारा, अमलबेत, सोंठ तथा श्वेत चंदन- इन सभी पदार्थों को 50-50 ग्राम की मात्रा में लेकर अच्छी तरह से कूटकर कपड़े से छान लें।
इसके अंदर वसंत कुसुमाकर रस तथा सिद्ध चंद्रोदय नं. 1- इन दोनों को भी लेकर 25-25 ग्राम डालकर अच्छी तरह से इसमें मिला दें।
इस चूर्ण को आधा-आधा चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम के समय में लें। फिर ऊपर से गर्म दूध का इस्तेमाल करें।
इस चूर्ण को विस्तारपूर्वक रोजाना तीन महीनों तक खाना चाहिए। फिर इसका इस्तेमाल तीन महीनों के लिए रोककर रखें। इसके बाद फिर तीन महीनों तक इस चूर्ण को लें।
इस चूर्ण के प्रयोग से सेक्स क्रिया करने में पूर्ण रुप से सुख की प्राप्ति होती है।
यह चूर्ण अधिक पौष्टिक होता है। इस चूर्ण का इस्तेमाल उच्च रक्तचाप, ह्रदय के रोगी तथा शूगर के रोगियों को नहीं करना चाहिए।

कौंच के बीज
तालमखाना 30 ग्राम, कौंच के बीज 30 ग्राम, गोखरू 50 ग्राम, पोस्तदाना 40 ग्राम, शाल्मली की जड़ 30 ग्राम, काली मूसली 20 ग्राम, सफेद मूसली 20 ग्राम और मिश्री 20 ग्राम- इन सबको एक साथ मिलाकर बारीक कूट-पीसकर कपड़े से छानकर चूर्ण बना लें।
फिर इसे नियमित रुप से सुबह और शाम के समय गर्म दूध के साथ 3-3 ग्राम चूर्ण का इस्तेमाल करें।
यह चूर्ण शरीर को पौष्टिक, सेक्स शक्ति को बढ़ाने वाला और संभोग करने की इच्छा शक्ति को भी बढ़ाता है।

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