महिलाओं को क्यों होती है PCOS और पीरियड्स ये दिक्कत और क्या है इसका रामबाण उपाए

why do women have pcos and periods and what is the problem/ world creativities

why do women have pcos and periods and what is the problem/ world creativities

ज्यादतर महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट में तेज दर्द और हैवी ब्लीडिंग की शिकायत होती है. इस असामान्य स्थिति को मेनोरेजिया कहते हैं. मेनोरेजिया में ब्लीडिंग इतनी तेज होती है कि हर घंटे पैड बदलने की जरूरत महसूस होती है. इसके अलावा मेनोरेजिया में पूरे समय पेट में दर्द रहता है और रोज के काम करने में भी दिक्कत महसूस होती है. आइए जानते हैं इसके लक्षण और बचाव.

मेनोरेजिया के लक्षण- मेनोरेजिया में महिलाओं को हर एक घंटे में पैड चेंज करना पड़ता है. रात में सोने के दौरान भी पैड चेंज करने की जरूरत महसूस होती है. कई बार हैवी ब्लीडिंग को रोकने के लिए एक समय में दो पैड लगाने की जरूरत महसूस होती है. दर्द की वजह से कोई भी काम करने में दिक्कत होती है. ब्लीडिंग में खून के थक्के आते हैं. 7 दिनों से ज्यादा हैवी ब्लीडिंग के साथ पीरियड्स चलते हैं. इस दौरान पूरे समय थकान रहती है और सांस लेने में भी दिक्कत होती है. कभी-कभी मेनोपॉज के बाद भी ब्लीडिंग होती है.

क्यों होता है मेनोरेजिया- मेनोरेजिया से एनीमिया सहित और भी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. एनीमिया की वजह से शरीर में खून की कमी हो जाती है और सासं लेने में दिक्कत महसूस होती है. इसके अलावा मेनोरेजिया से और भी कई गंभीर समस्याएं होती हैं. आखिर ये मेनोरेजिया क्यों होता है?

हार्मोन की समस्या से- महिलाओं के यूट्रस में हर महीने एक परत बनती है जो पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग के जरिए शरीर से बाहर आ जाती है. हार्मोन का स्तर बिगड़ जाने पर ये परत बहुत मोटी हो जाती है जिसकी वजह से बहुत हैवी ब्लीडिंग होती है.ओव्यूलेट ना होने पाने की स्थिति में भी शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है और इससे हैवी ब्लीडिंग होती है.

अनियमित पीरियड्स- अनियमित या लंबे समय तक दर्द के साथ पीरियड्स का रहना PCOS का सबसे आम संकेत है. जैसे, साल में 9 पीरियड्स से कम होना, दो पीरियड्स के बीच में 35 दिनों से ज्यादा का अंतराल और असामान्य रूप से बहुत ज्यादा पीरियड होना

यूट्रस का बढ़ जाना- यूट्रस की परत में पॉलीप्स बढ़ने लगता है, जिससे ज्यादा मात्रा में ब्लीडिंग होती है. इसके अलावा यूट्रस में फाइब्रॉएड ट्यूमर होने की वजह से भी महिलाओं को बहुत दिनों तक हैवी ब्लीडिंग होती रहती है.प्रेग्नेंसी से संबंधित समस्या होने पर- जब फर्टिलाइज्ड एग यूट्रस के बाहर बढ़ने लगता है तो इसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहते हैं. इस तरह की प्रेग्नेंसी में कई तरह की समस्याएं आती हैं. इसमें से हैवी ब्लीडिंग एक प्रमुख समस्या है.

कैंसर की वजह से- ऐसा बहुत कम होता है लेकिन गर्भाशय या ओवरी कैंसर की वजह से भी कुछ महिलाओं में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है.

कुछ दवाओं की वजह से- शरीर में सूजन और जलन कम करने वाली दवाओं की वजह से भी हैवी पीरियड्स होते हैं.

मेनोरेजिया का इलाज- हैवी ब्लीडिंग के कुछ मामलों में डॉक्टर्स गर्भनिरोधक गोलियां लेने की सलाह देते हैं. इन दवाओं की वजह से शरीर में हार्मोन का संतुलन बदलता है, जिससे हैवी ब्लीडिंग कम होने लगती है. डॉक्टर्स हैवी पीरियड्स को रोकने के लिए कुछ और दवाएं भी लिख सकते हैं. ये दवाएं आपको पीरियड्स के दौरान ही लेनी होंगी.

सर्जरी- अगर आपके शरीर में पॉलीप्स या फाइब्रॉएड है, तो डॉक्टर आपको सर्जरी कराने की भी सलाह दे सकता है. सर्जरी के बाद हैवी ब्लीडिंग की समस्या रुक जाएगी.


गर्भाशय की सफाई- डॉक्टर यूट्रस से परत हटाकर सफाई भी कर सकते हैं. इसकी सबसे आसान प्रक्रिया डाइलेशन और क्यूरेटेज है. इससे भी हैवी ब्लीडिंग रूक जाती है. कुछ महिलाओं को ये एक बार से ज्यादा कराना पड़ता है.


हिस्टेरेक्टॉमी- हैवी ब्लीडिंग के गंभीर मामलों में इस सर्जरी की जरूरत पड़ती है. इसमें गर्भाशय को निकालने की जरूरत पड़ती है. इसके बाद आपको पीरियड्स नहीं होंगे हालांकि इसके बाद फिर प्रेग्नेंसी संभव नहीं है.

अतिरिक्त एण्ड्रोजन– महिलाओं में कई बार हार्मोन के असंतुलन (पुरुषों वाले हार्मोन के ज्यादा निकलने) की वजह से चेहरे और शरीर पर जरूरत से ज्यादा बाल आने लगते हैं और कभी-कभी चेहरे पर बहुत मुंहासे होने लगते हैं. कभी-कभी गंजेपन की भी समस्या भी आ सकती है. ये सारे PCOS के संकेत हो सकते हैं.

पॉलिसिस्टिक ओवरी- इस स्थिति में ओवरी यानी अंडाशय बढ़ने लगते हैं जिसके वजह से एग के चारों तरफ फॉलिकल की संख्या बढ़ने लगती है और ओवरी सही से काम नहीं कर पाती है. मोटे लोगों में ये समस्या ज्यादा गंभीर हो जाती है.

शरीर में इंसुलिन का ना बनना- इंसुलिन एक ऐसा हार्मोन है जो शरीर में पाचन तंत्र को खाने से मिलने वाले शुगर को बनाने में मदद करता है. PCOS होने पर महिलाओं में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है जिसकी वजह से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इस दबाव की वजह से ओवरी पुरुषों वाले हार्मोंस निकालना शुरू कर देती है.

5 नींद – कीवी की नींद को बढ़ावा देने वाले प्रभावों को सेरोटोनिन के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। सेरोटोनिन एक मस्तिष्क रसायन है जो आपके स्‍लीप साइ‍कल को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, कीवी में एंटी इंफ्लामेटरी जैसे कि विटामिन सी और कैरोटीनॉयड होते हैं। ये नींद को बढ़ावा देने वाले प्रभावों को प्रेरित करने के लिए भी जिम्मेदार हैं।

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s