हनुमानजी बंदर या वानर थे या कुछ और, क्या आज भी मिलते हैं ऐसे लोग(Hanumanji was a monkey or a monkey or something else, do such people still meet today?)

Hanumanji was a monkey or a monkey or something else, do such people still meet today?

@worldcreativities

भगवान राम को 14 वर्ष का जब वनवास हुआ तो वनवास के दौरान उन्होंने देश के सभी वन में रहने वाले लोगों को संगठित करने और शिक्षित करने का कार्य किया। भगवान राम की सेना में आदिवासी, भील, वानर, भालू, गिद्ध सभी थे। उल्लेखनीय है कि ओरांव आदिवासी से संबद्ध लोगों द्वारा बोली जाने वाली कुरुख भाषा में ‘टिग्गा’ एक गोत्र है जिसका अर्थ वानर होता है। कंवार आदिवासियों में एक गोत्र है जिसे हनुमान कहा जाता है। इसी प्रकार, गिद्ध कई अनुसूचित जनजातियों में एक गोत्र है।

प्राचीन काल की जातियां : बहुत प्राचीनकाल में लोग हिमालय के आसपास ही रहते थे। वेद और महाभारत पढ़ने पर हमें पता चलता है कि आदिकाल में प्रमुख रूप से ये जातियां थीं- देव, दैत्य, दानव, राक्षस, यक्ष, गंधर्व, भल्ल, वसु, अप्सराएं, पिशाच, सिद्ध, मरुदगण, किन्नर, चारण, भाट, किरात, रीछ, नाग, विद्‍याधर, मानव, वानर आदि।

मानवों से अलग थे वानर : वानर का शाब्दिक अर्थ होता है ‘वन में रहने वाला नर।’ लेकिन मानव से अलग। क्योंकि वन में ऐसे भी नर रहते थे जिनको पूछ निकली हुई थी। शोधकर्ता कहते हैं कि आज से 9 लाख वर्ष पूर्व एक ऐसी विलक्षण वानर जाति भारतवर्ष में विद्यमान थी, जो आज से 15 से 12 हजार वर्ष पूर्व लुप्त होने लगी थी और अंतत: लुप्त हो गई। इस जाति का नाम कपि था। हनुमान का जन्म कपि नामक वानर जाति में हुआ था।

वर्तमान में कहां हैं वानर : दरअसल, आज से 9 लाख वर्ष पूर्व मानवों की एक ऐसी जाति थी, जो मुख और पूंछ से वानर समान नजर आती थी, लेकिन उस जाति की बुद्धिमत्ता और शक्ति मानवों से कहीं ज्यादा थी। अब वह जाति भारत में तो दुर्भाग्यवश विनष्ट हो गई, परंतु बाली द्वीप में अब भी पुच्छधारी जंगली मनुष्यों का अस्तित्व विद्यमान है जिनकी पूछ प्राय: 6 इंच के लगभग अवशिष्ट रह गई है। ये सभी पुरातत्ववेत्ता अनुसंधायक एकमत से स्वीकार करते हैं कि पुराकालीन बहुत से प्राणियों की नस्ल अब सर्वथा समाप्त हो चुकी है।

क्या सचमुच वानर थे हनुमानजी : रामायणादि ग्रंथों में लिखे हनुमानजी और उनके सजातीय बांधव सुग्रीव अंगदादि के नाम के साथ ‘वानर, कपि, शाखामृग, प्लवंगम’ आदि विशेषण पढ़कर उनके बंदर प्रजाति का होने का उदाहरण देते हैं। वे यह भी कहते हैं कि उनकी पुच्छ, लांगूल, बाल्धी और लाम से लंकादहन का प्रत्यक्ष चमत्कार इसका प्रमाण है। यह भी कि उनकी सभी जगह सपुच्छ प्रतिमाएं देखकर उनके पशु या बंदर जैसा होना सिद्ध होता है। रामायण में वाल्मीकिजी ने जहां उन्हें विशिष्ट पंडित, राजनीति में धुरंधर और वीर-शिरोमणि प्रकट किया है, वहीं उनको लोमश ओर पुच्छधारी भी शतश: प्रमाणों में व्यक्त किया है।

हनुमानजी जब मानव नहीं थे तो फिर वे मानवों की किसी भी जाति से संबंध नहीं रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि वर्तमान में उनकी जाति के लोग लुप्त हो गए हैं। अब जहां तक सवाल आदिवासी शब्द का है तो यह समझना जरूर है कि आदिवासी मानव भी होते हैं और वानर भी। आदि का अर्थ प्रारंभिक मानव या वानरों के समूह।

वानर साम्राज्य : भारत में वानरों के साम्राज्य की राजधानी किष्किंधा थी। सुग्रीव और बालि इस सम्राज्य के राजा थे। यहां पंपासरोवर नामक एक स्थान है जिसका रामायण में जिक्र मिलता है। ‘पंपासरोवर’ अथवा ‘पंपासर’ होस्पेट तालुका, मैसूर का एक पौराणिक स्थान है। हंपी के निकट बसे हुए ग्राम अनेगुंदी को रामायणकालीन किष्किंधा माना जाता है। तुंगभद्रा नदी को पार करने पर अनेगुंदी जाते समय मुख्य मार्ग से कुछ हटकर बाईं ओर पश्चिम दिशा में, पंपासरोवर स्थित है। हनुमानजी की माता का नाम अंजना और पिता का नाम केसरी है, जो वानर जाति के थे। केसरीजी को कपिराज कहा जाता था, क्योंकि वे कपि क्षेत्र के राजा थे।

सेंट्रल अमेरिका के मोस्कुइटीए (Mosquitia) में शोधकर्ता चार्ल्स लिन्द्बेर्ग ने एक ऐसी जगह की खोज की है जिसका नाम उन्होंने ला स्यूदाद ब्लैंका (La Ciudad Blanca) दिया है जिसका स्पेनिश में मतलब व्हाइट सिटी (The White City) होता है, जहां के स्थानीय लोग बंदरों की मूर्तियों की पूजा करते हैं। चार्ल्स का मानना है कि यह वही खो चुकी जगह है जहां कभी हनुमान का साम्राज्य हुआ करता था।

एक अमेरिकन एडवेंचरर ने लिम्बर्ग की खोज के आधार पर गुम हो चुके ‘Lost City Of Monkey God’ की तलाश में निकले। 1940 में उन्हें इसमें सफलता भी मिली पर उसके बारे में मीडिया को बताने से एक दिन पहले ही एक कार दुर्घटना में उनकी मौत हो गई और यह राज एक राज ही बनकर रह गया।

आदिम जातियों पर शोध :पृथ्वी पर आदिम दौर में चार मानव प्रजातियों का अस्तित्व था। तब तक आधुनिक इंसान का पता नहीं चला था। यूरोप में मिले इन अवशेषों को निएंडरथल कहते हैं, जबकि एशिया में रह रहे आदिम इंसानों को डेनिसोवांस कहते थे। एक प्रजाति इंडोनेशिया में मिले आदिम इंसानों की भी है, जिसे हॉबिट कहते हैं। इनके अलावा एक रहस्यमय चौथा समूह भी था, जो यूरोप और एशिया में रहते थे। यह समूह डेनिसोवांस का संकर समूह माना जाता था। अब चीन में नए जीवाश्म मिलने से शोध की दिशा बदल गई है।

इस जीवाश्म का पता पहली बार 1976 में शूजियाओ के गुफाओं में मिला। इसमें कुछ खोपड़ियों के टुकड़े और चार लोगों के नौ दांतों के जीवाश्म मिले थे। इसका पूरा विवरण अमेरिकी फिज़िकल एंथ्रापोलॉजी जर्नल में छपा है। यह विचित्र किस्म का जीवाश्म है, जो अब तक मालूम मानव प्रजाति के जीवाश्म से मेल नहीं खाता। मुमकिन है कि ये जीवाश्म किन्हीं दो मालूम प्रजातियों के बीच रूपांतरण काल का हो सकता है। हालांकि इतना साफ है कि ये जीवाश्म किसी आधुनिक मानव प्रजाति के दांतों से मेल नहीं खाते। मगर कुछ गुण निश्चित ही आदिम प्रजाति के इंसानों से मिलते हैं। कुछ अंश निएंडरथल से मेल खाते हैं। इसके डीएनए की जांच से पता चला कि निएंडरथल और आधुनिक मानवों से अलग हैं लेकिन इसमें दोनों की खूबियां शामिल हैं। इस बात का सबूत है कि प्राचीनकाल में दो भिन्न-भिन्न प्रजातियों के मेल से विचित्र किस्म के जीव-जंतुओं और मानवों का जन्म हुआ होगा।

Join Facebook Group (और भी लेटेस्ट पोस्ट के लिए हमारे फेसबुक ग्रुप को जरूर ज्वाइन करे)
फ्री आयुर्वेदिक हेल्थ टिप्स ग्रुप में शामिल होने के लिए इस #ग्रुप को #join करने के लिए नीचे दिए गए #लिंक पर क्लिक करें और भी बहुत सारी बातो ओर जानकारियों के लिए नीचे तुरंत देखे बहुत ही रोचक जानारियां नीचे दी हुई है
💋💋💋💋💋💋💋💋💕💕💕💕💕💕💕💕🌾🌾🌾🌾🌾🌾🍃🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🕉🕉🕉🕉🕉😍😍😍🌹🌹
https://www.facebook.com/groups/614541922549349/?ref=share
🕉अगर आप 🌄महादेव के सच्चे 💯भक्त हैं तो इस ग्रुप को ज्यादा से ज्यादा💐 लोगों को #शेयर करें और अपने #फ्रेंड्स को #इन्वाइट करे जिससे कि ये ग्रुप #महादेव का सबसे #बड़ा ग्रुप 🌺बन सकें#ज्यादा से ज्यादा शेयर जरुर करे#🙏#JaiMahadev 🕉#jaimahakaal🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉
https://www.facebook.com/groups/765850477600721/?ref=share
🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉
जो लोग relationship में है या होना चाहते है तो इन पेज को लाइक और शेयर जरुर करें 💕💕
https://www.facebook.com/relationshlovezgoals/
https://www.facebook.com/Relationship-love-goals-105353711339414/
https://www.facebook.com/belvojob/
हमारे #धार्मिक और #सांस्कृतिक और #प्राचीन #सस्कृति के लिए फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करे💁👇👇👇
Friends company को ज्वाइन करें और अपने मन पसंद दोस्तो से बात करे 👇👇👇🌸🌼💋
https://www.facebook.com/groups/1523649131190516/?ref=share
Jai Durga maa ऐसे ही धार्मिक और सांस्कृतिक आध्यात्मिक भक्ति और जानकारियों के लिए
नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें और अपने सभी दोस्तों को इन्वाइट करें 💐🙏👇👇
https://www.facebook.com/groups/388102899240984/?ref=share
I&S Buildtech Pvt Ltd किसी को कही प्रॉपर्टी खरीदनी और बेचनी हो तो इस ग्रुप को ज्वाइन करें,👇👇👇
https://www.facebook.com/groups/790189985072308/?ref=share
Best health tips men’s and women’s हैल्थ टिप्स एक्सरसाइज टिप्स फिटनेस
टिप्स वेट लॉस टिप्स ऐसी ही ढेर सारी जानारियां देखने और समझने के लिए इस ग्रुप को ज्वाइन करें 👇👇👇
https://www.facebook.com/groups/351694099217895/?ref=share
Vedgyan🌲💐🌺🌻🌼🌸🌲🌲🌿🍃🌾🌾🍁🍂🌴🌳🌲🍀🌵🏜️👇👇👇
https://www.facebook.com/groups/624604661500577/?ref=share
Relationship love goals 💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕👇👇👇👇
https://www.facebook.com/groups/774627156647519/?ref=share
Belvo jobs groups जिनके पास जॉब नहीं है जॉबलेस हैं उनके लिए ये ग्रुप बेहद एहम है
नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें और अपने सभी फ्रेंड्स और दोस्तों को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें 👇👇👇👇
https://www.facebook.com/groups/694117461150454/?ref=share
Blue diamonds group इस ग्रुप में आपको वीडियो स्टेटस मिलेगा ३० सेकंड का
वह आप what’s app status पर और fb status prr lga skte h #join करने के
लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें👇👇👇👇👇👇👇😍😍💋💋💋
https://www.facebook.com/groups/4326320604105617/?ref=share
Prachin chanakya niti प्राचीन चाणक्य नीति की जानकारियों के लिए नीचे दिए हुए
लिंक पर क्लिक करें और अपने सभी फ्रेंड्स को इन्वाइट जरूर करें 🌲👇👇👇👇🕉 🕉
https://www.facebook.com/groups/369329114441951/?ref=share
Mujhse Dosti karoge bolo जो लोग अकेले है और बात करना चाहते है
तो ये ग्रुप ज्वाइन करे 👇👇👇
https://www.facebook.com/groups/780080659505186/?ref=share
Only truly lovers जो सच्चा प्यार करते है अपने लवर को वही ज्वाइन करे 👇👇
https://www.facebook.com/groups/225480217568019/?ref=share
किर्प्या इन सब फेसबुक ग्रुप को ज्वाइन करे और हमारे नई उप्लोडेड हेल्थ टिप्स को पढ़े
और ज्यादा से ज्यादा लोगो को शेयर अवस्य करे धन्यवाद्

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s