इस तरह साफ़ करें शिशु की जीभ

How to clean baby's tongue

How to clean baby’s tongue – @worldcreativities

शिशु के दांत भले ही ना हो इसका मतलब यह नहीं कि आप उनके मुंह की सफ़ाई ना करें। जिस तरह आप शिशु को नहलाती हैं, ठीक उसकी तरह उनकी जीभ की सफ़ाई करना भी आवश्यक है। जर्म्स और बैक्टीरिया से बचाने के लिए मुंह की सफ़ाई नियमित की जानी चाहिए। शिशु के ओरल हेल्थ के लिए यह बेहद ज़रूरी है। इसके अलावा 7 या 8 महीने के बाद शिशु बैठना शुरू कर देते हैं, जिसकी वजह से वह अपने आसपास की चीज़ों को मुंह में डालना शुरू कर देते हैं। इससे इंफ़ेक्शन या जर्म्स अंदर जाने का ख़तरा रहता है। इसलिए ज़रूरी है कि उनकी जीभ और मुंह की सफ़ाई की जाए।

शिशु की जीभ को साफ़ करते वक़्त कुछ बातों का ख़्याल रखना चाहिए। ओरल हेल्थ और इंफ़ेक्शन से बचाने के लिए यह बेहद ज़रूरी है। month baby

ज़्यादातर महिलाओं को लगता है कि शिशु तो दूध या अन्य पेय पदार्थों को पीते हैं, ऐसे में उनके मुंह की सफ़ाई ज़रूरी नहीं। अगर आप भी ऐसा सोचती हैं तो ग़लत हैं, नियमित मुंह की सफ़ाई से उन्हें ओरल इंफ़ेक्शन और मसूड़ों से जुड़ी बीमारियों से बचाया जा सकता है। आइए जानते हैं मुंह की सफ़ाई किस तरह की जानी चाहिए और इस दौरान किन-किन बातों का ख़्याल रखना चाहिए। 

शिशु के मुंह के अंदर की सफ़ाई करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

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  • अगर आप उनके मुंह के अंदर उंगली डाल रही हैं तो ध्यान रखें कि आपके हाथ पूरी तरह से साफ़ होने चाहिए। 
  • मां को अपने शिशु के मुंह और जीभ की सफ़ाई करने से पहले नाखून काट लेने चाहिए और उनपर नेलपेंट ना लगाएं।
  • रोज़ाना मुंह की सफ़ाई करने से बेहतर है कि एक दिन छोड़कर सफ़ाई करें।
  • अगर बच्चे के मुंह में दूध पीते वक़्त या फिर किसी और वजह से चोट लग गई हो तो उस वक़्त उनके मुंह की सफ़ाई ना करें। कुछ समय के लिए जीभ की सफ़ाई ना करें, जब ठीक हो जाए, तभी करें।
  • अगर बच्चा मुंह साफ़ नहीं करवाना चाहता तो ज़बरदस्ती ना करें। इससे वह रोने लगेगा और जीभ साफ़ करते वक़्त उसे चोट भी लग सकती है।

शिशु की जीभ साफ़ करने का तरीक़ा

  • शिशु की जीभ को साफ़ करने के लिए सूती और सॉफ़्ट कपड़ा लें। सबसे पहले उस सूती कपड़े को गर्म पानी में डालकर निचोड़ लें।
  • अब इस कपड़े को अपनी तर्जनी उंगली पर लपेट लें। अब शिशु के मुंह को खोलें और अपनी उंगली अंदर डालें और गोल घुमाकर जीभ को साफ़ करें।
  • ध्यान रखें कि अपनी उंगली को शिशु के गले तक ना ले जाएं। सेंसिटिव होने की वजह से आपकी उंगली से कट लग सकता है।
  • अगर शिशु के दांत आ रहे हैं तो उसे कपड़े से ही हल्के और धीरे-धीरे साफ़ करें।
  • वहीं जब शिशु की मालिश कर रही हैं तो उसी वक़्त मुंह की सफ़ाई करें। उस वक़्त बच्चे ख़ुश और रिलैक्स होते हैं और मुंह को साफ़ करने में आपको सहयोग करेंगे।

ध्यान रखें कुछ बातें

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कई बार बच्चों की जीभ पर गहरी सफ़ेद कोटिंग होती है, यह ओरल थ्रश हो सकता है। अगर आपके शिशु में ऐसी कोई समस्या दिख रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। वहीं बच्चा बार-बार कोशिश करने पर भी मुंह की सफ़ाई करने में आपको कोऑपरेट नहीं कर रहा है तो समझ जाएं कि कोई समस्या है। इसे दूर करने के लिए डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें। वहीं किसी के कहने या सुनने पर कोई घरेलू या फिर अन्य तरीक़ा ना आज़मायें। बच्चों की त्वचा बेहद नाजुक होती है, इससे उन्हें इंफ़ेक्शन या फिर अन्य समस्याएं होने का ख़तरा रहता है।

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