Nirjala Ekadashi Ke Niyam: निर्जला एकादशी के दिन भूलकर ना करें ये काम, जानें इस व्रत के सभी जरूरी नियम

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Nirjala Ekadashi Ke Niyam: Do not forget to do this work on the day of Nirjala Ekadashi, know all the important rules of this fast

Nirjala Ekadashi Rules, Dos and Donot’s (निर्जला एकादशी के नियम): निर्जला एकादशी का व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है। शास्त्र के अनुसार इस दिन कुछ नियमों का पालन करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

Nirjala Ekadashi 2022 Fast Rules, Dos and Donot’s: संपूर्ण जगत को धारण करने वाले भगवान श्री हरि का व्रत पापों से मुक्ति दिलाता है। यदि श्री हरि की असीम कृपा व्यक्ति के उपर बनी रही, तो जीवन में कभी भी विघ्न-बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता है। निर्जला एकादशी व्रत भी भगवान विष्णु को समर्पित है। इस व्रत को करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती की भी पूजा की जाती हैं। ऐसी मान्यता हैं, कि निर्जला एकादशी का व्रत करने से सभी एकादशीओं का पुण्य मिल जाता है। 

यदि आप भगवान विष्णु के साथ साथ भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए निर्जला एकादशी का व्रत करने की सोच रहे हैं या करना चाहते हैं, तो उससे पहले आपको इस दिन कौन से कार्य करने चाहिए और कौन से कार्य नहीं करने चाहिए इसे जरूर जान लेना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ कार्यों को नहीं करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है। तो चलिए जानें इस दिन आप क्या कर सकते हो और क्या नहीं।

Nirjala Ekadashi Ke Niyam: निर्जला एकादशी के दिन ना करने वाले कार्य

1. नमक का ना करें सेवन

हिंदू धर्म के अनुसार निर्जला एकादशी के दिन नमक खाना वर्जित है। ऐसी मान्यता है, कि एकादशी के दौरान नमक का सेवन करने से व्रत भंग हो जाता है और व्रती को  दोष लगता है।

2. चावल का ना करें सेवन 

हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी के दिन चावल का सेवन करना वर्जित है। ऐसा माना जाता है, कि इस दिन चावल का सेवन करने से व्रत करने का कोई फल नहीं मिलता है। इस दिन घर के अन्य सदस्यों को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। 

3. इन चीजों का ना करें सेवन 

निर्जला एकादशी के दिन चावल, नमक के अलावा बैंगन, मूली, प्याज, लहसुन और मसूर की दाल जैसे अशुद्ध चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। व्रत में इन चीजों का सेवन करने से व्रत भंग हो सकता है।

4.भूल कर ना करें ये गलतियां

निर्जला एकादशी के दिन मन को हमेशा पवित्र रखना चाहिए। बुरा विचार,कलह या वाद-विवाद जैसी माहौल उत्पन्न करने से व्रत करने का फल प्राप्त नहीं होता हैं। इस दिन व्रती को बिस्तर के बजाय फर्श पर सोना अच्छा माना जाता है।

5. सदाचार का पालन 

निर्जला एकादशी के दिन सदाचार और ब्रह्मचार्य का पालन करें। विष्णु जी के मंत्र और भजन का जाप करते रहें।

6. निर्जला व्रत के दिन पानी भी नहीं पीते हैं। (Nirajali k din kuch bhi khana peena ni krte hai)

सबसे महत्वपूर्ण: निर्जला एकादशी के दिन पानी भी नी पीते है। अगले दिन ही व्रत भगवान का प्रसाद लेकर ही खोलते हैं। ये व्रत इसीलिए साल मैं एक बार ही आता है। तब भी इसे निरजलि व्रत कहते हैं

Most important : Nirjala Ekadashi ke din pani bhi ni peete h agle din hi vrat bhagwan ka prasad lekrr hi kholte hai vrat isliye ye vrat saal mai ek baar hi aata h tbhi isko nirajali vrat kehte hai

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। World Creativities इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)